Neem Tree : Introduction | Uses of Neem Tree | Neem Tree की पूरी जानकारी

Neem Tree के बारे में पूरी जानकारी

Neem Tree:-

 

Neem Tree के बारे में तो आपने सुना ही होगा। Neem Tree सबसे ज्यादा भारत में पाए जाते हैं। Neem Tree का आयुर्वेद में बहुत अधिक महत्व है।

यदि नींद को सबसे बड़ी रक्त शुद्ध करने की दवा भी कहा जाए तो गलत ना होगा भारत वासियों का यह सौभाग्य है कि यह दवा तो उन्हें प्रकृति की ओर से उपहार में मिलती है परंतु अज्ञानता के कारण वे इसके गुणों का लाभ नहीं उठा सकते अमेरिका के प्रसिद्ध डॉक्टर नएल पीटमेयर ने नीम के बारे में 10 वर्ष तक अध्ययन किया।

अध्ययन के बाद उन्होंने नीम में अजीबोगरीब परिणाम देखे। नींद में से बनाए गए रासायनिक 200 प्रकार के कीटाणुओं का नाश कर सकते हैं।

neem tree ke bara me

नीम के पेड़ भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, नेपाल, थाईलैंड, इंडोनिशा श्रीलंका में सबसे अधिक पाए जाते हैं। इसके अलावा, यह उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, अफ्रीका दक्षिण, पूर्वी एशिया आदि में भी पाया जाता है। नीम का वानस्पतिक नाम संस्कृत के निंब शब्द से उत्पन हुआ।

Neem Tree  के बारे में :-

नीम का पेड़ बहुत जल्दी बढ़ता है। दरअसल यह 15 से 120 फीट तक पाया जाता है। नीम के पेड़ पर अप्रैल-मई में फूल खिलते हैं जो बाद में एक फल का रूप ले लेते हैं वास्तव में नीम के पत्ते कड़वे होते हैं परंतु इसका फल पकने के बाद मीठा हो जाता है।

इसके बीजों का तेल निकाला जाता है। नीम के पेड़ के नीचे बैठना भी बहुत लाभदायक माना जाता है। नीम को आयुर्वेद में उच्च स्थान दिया गया है। 

नींद के पेड़ को किस तरह लगाएं :-

नीम को हम अपने घर या खाली जमीन में लगा सकते हैं नीम के पौधे बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं पौधों को अपनी खाली पड़ी जमीन में लगा सकते हैं और नियमित रूप से उनकी देखभाल करते रहना जरूरी है।

नीम को घर पर किस प्रकार लगाएं :-

नीम को घर पर लगाने के लिए गमलों का प्रयोग कर सकते हैं गमलों में नीम के छोटे पौधे को लगा सकते हैं। नीम के पेड़ को गमले में लगाने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे ही नीम का पौधा ज्यादा बड़ा हो जाए तो उसकी छटाई कर देनी चाहिए तथा उसकी ज्यादा फैली शाखा को काट देना चाहिए।

नीम के उपयोग और उनके फायदे :-

नीम के अलग-अलग भाग के अलग-अलग फायदे है नीम के पेड़ के फल, फूल, पत्ती ,जड़ आदि सभी काम आते हैं आयुर्वेद में नीम का बहुत प्रयोग किया गया है।

पत्ती :-

  1. बालों में रूसी डैंड्रफ हो जाए तो नीम के पत्तों का पेस्ट बनाकर बालों में लगाएं फिर 20 मिनट बाद सिर्फ धो ले तथा सिर में डालने वाले तेल में थोड़ा नीम का तेल मिलाकर लगाएं इससे बालों की रूसी खत्म हो जाएगी।
  2. यदि चेहरे पर दाग हो जाए या इन्फेक्शन हो तो नीम के पत्तों का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं सुबह के समय नीम की 10 पत्ती चबा चबा कर खाएं यदि नीम के तेल में हल्दी मिलाकर लगाएं तो और भी जल्दी लाभ होगा।

लकड़ी:-

  1. नीम की डाली का दंत मंजन करने से दांतो की सब बीमारियां दूर हो जाती है इससे दांतों की उम्र बढ़ती है। यह दांतों के लिए बहुत फायदेमंद है दांतों में पायरिया जैसी बीमारी कोसों दूर हो जाती है।
  2. बुखार या वायरल इंफेक्शन हो तो नीम की छाल तथा नीम की पत्ती को उबालकर काढ़ा बनाएं और दिन में तीन बार सेवन करें तथा नीम की पत्ती को उबाल स्नान करने से भी काफी लाभ होगा।
  3. पीलिया हो जाए तो नीम के पत्तों को पानी में उबाल दें इसमें सोंठ और हल्दी मिलाकर सेवन करें इससे पीलिया जल्दी ठीक हो जाएगी। पीलिया के लिए यह बहुत लाभदायक औषधि बन जाएंगे।
  4. यदि आपको दमा या खांसी हो तो नीम के तेल की दस बूँद पान के पत्ते में लगा कर खाएं तो जल्दी फायदा होगा। यह गले के बलगम को बहुत जल्दी ठीक करती है।
  5. यदि आपके दांतों में पायरिया हो जाए तो नीम के तेल की मालिश दांतो तथा अपने मसूड़ों पर करें इससे पायरिया जल्दी ठीक हो जाएगा।
  6. यदि आपके चेहरे पर कील मुंहासे हो जाए तो आप कितने भी गौरे क्यों न हो आपका चेहरा अच्छा नहीं लगता इसके लिए नीम की पत्ती को जला ले फिर उसकी राख को वैसलीन के साथ रात को सोते समय लगाएं उससे चेहरा बहुत जल्दी ठीक हो जाएंगा।
  7. यदि सिर में जुएं हो जाए तो नीम के तेल को नाहने से 20 मिनट पहले अपने सिर पर लगाएं फिर धो ले इससे जूए मर जाएंगी।

 

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